Libya सेना प्रमुख की तुर्की में मौत: पाकिस्तान–लीबिया हथियार डील से जुड़ी साजिश?

"Libyan Army Chief’s Death in Turkey Sparks" 

Libya सेना प्रमुख की तुर्की में मौत:  सेना प्रमुख मोहम्मद अल-हद्दाद की तुर्की में एक विमान दुर्घटना में मौत ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नए सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना ऐसे समय पर हुई जब पाकिस्तान द्वारा लीबिया से जुड़ी एक अरबों डॉलर की रक्षा डील की खबरें सामने आई थीं। आधिकारिक तौर पर इसे हादसा बताया गया है, लेकिन इसके समय और परिस्थितियों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। "Libyan Army Chief’s Death in Turkey Sparks" पाकिस्तान–लीबिया रक्षा समझौमेंता विवादों 

"Libyan Army Chief’s Death in Turkey Sparks"

पाकिस्तान ने Libya के पूर्वी हिस्से को नियंत्रित करने वाले खलीफा हफ्तार के विद्रोही गुट को हथियार बेचने का समझौता किया है। इस डील में मुख्य रूप से JF-17 फाइटर जेट शामिल बताए जा रहे हैं। दावा किया गया है कि अल-हद्दाद तुर्की में एक ऐसे रक्षा समझौते पर चर्चा कर रहे थे, जो पाकिस्तान के हितों से टकरा सकता था। हालांकि, इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

लीबिया का भू-राजनीतिक महत्व

Libya दुनिया के उन देशों में शामिल है जिनके पास तेल के विशाल भंडार हैं। वैश्विक तेल भंडार का लगभग 3 प्रतिशत हिस्सा लीबिया में है और देश की अर्थव्यवस्था का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा तेल निर्यात पर निर्भर है। यही कारण है कि लीबिया लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय शक्तियों के टकराव का केंद्र बना हुआ है

पाकिस्तान और Libya के ऐतिहासिक संबंध

Libya के पूर्व शासक मुअम्मर गद्दाफी ने 1970 के दशक में पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम का समर्थन किया था। बाद में रिश्तों में तनाव आया, लेकिन 2000 के दशक में ए.क्यू. खान नेटवर्क के जरिए लीबिया को परमाणु तकनीक मिलने के आरोप भी सामने आए, जिससे पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना करना पड़ा।

अरब स्प्रिंग के बाद बंटा हुआ लीबिया

2011 में अरब स्प्रिंग के बाद गद्दाफी की हत्या हुई और लीबिया दो हिस्सों में बंट गया—

  • त्रिपोली स्थित संयुक्त राष्ट्र समर्थित सरकार
  • पूर्वी लीबिया में खलीफा हफ्तार का नियंत्रण, जहां अधिकतर तेल क्षेत्र हैं

इसी विभाजन के कारण संयुक्त राष्ट्र का हथियार प्रतिबंध (Arms Embargo) भी प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया पर सवाल

  • संयुक्त राष्ट्र हथियार प्रतिबंध लागू करने में क्यों नाकाम दिख रहा है
  • अमेरिका इस पूरे घटनाक्रम पर चुप क्यों है
  • तुर्की, जहां यह हादसा हुआ, उसकी प्रतिक्रिया सीमित क्यों रही

निष्कर्ष

फिलहाल मोहम्मद अल-हद्दाद की मौत को लेकर कोई ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं, लेकिन यह घटना लीबिया में चल रही हथियार राजनीति, तेल कूटनीति और वैश्विक शक्ति संघर्ष को जरूर उजागर करती है। आने वाले समय में जांच और खुलासे इस मामले को और गंभीर बना सकते हैं।


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